CORONA UPDATED : कोरोना वायरस से निपटने के लिए "संजीवनी फॉर्मूला" भारत के लिए हो सकता है कारगार साबित,फिलहाल दवा का असर की जाँच शुरू।

न्यूज़ रूम दिल्ली : विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोरोना को महामारी घोषित कर दिया है।देश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 81 हो गई है।दिल्ली, यूपी, बिहार और एमपी सहित देश कई राज्यों ने 31 मार्च तक सभी स्कूल और कॉलेजों में छुट्टियां घोषित कर दी है।सरकार ने भी सेना में कोरोना की वजह से अगले एक महीने तक जवानों की भर्ती पर रोक लगा दी है।


कोरोना से जंग में सार्क देशों (SAARC) से पीएम मोदी ने मिलकर रणनीति बनाने की अपील की है।इसी बीच पूरी दुनिया के लिए महामारी बन चुके कोरोना वायरस के खिलाफ भारत की एक सकारात्मक पहल संजीवनी बूटी साबित हो सकती है।जयपुर में भारतीय डॉक्टर्स ने कोरोना संक्रमित इटली से आए दंपति का एंटी रेट्रोवायरल दवाओं से सफल इलाज किया है।हालांकि अभी भी दवाओं के पूरे असर की जांच हो रही है।लेकिन नतीजे अगर उम्मीद के मुताबिक रहे तो महामारी कोरोना के खिलाफ ये भारत का ‘संजीवनी’ फॉर्मूला होगा।


भले ही दुनियाभर के देश अब तक कोरोन वायरस की वैक्सीन तैयार करने में नाकाम रहे हों लेकिन अगर मोदी सरकार की पहल रंग लाई तो मुमकिन है कि जल्द भारत की ओर से कोरोना वायरस का इलाज ढूंढ लिया जाएगा। दरअसल कोरोना से संक्रमित मरीजों के इलाज के दौरान इस बात के संकेत मिले हैं कि HIV के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कुछ दवाएं कोरोना के मरीज़ों पर कारगर साबित हो रही हैं।इटली से भारत आए दंपती के इलाज में लोपिनाविर और रिटोनाविर कॉम्बिनेशन की दवाओं का इस्तेमाल किया गया।ये दंपती जयपुर में कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च  के मुताबिक 14 दिनों के इलाज के बाद दंपति की सेहत में काफी सुधार आया है।

आपको बता दें कि

👉🏻 HIV के इलाज में लोपिनाविर और रिटोनाविर दवाओं का इस्तेमाल होता है।

👉🏻 लोपिनाविर और रिटोनाविर एंटी रेट्रोवायरल दवा है।

👉🏻 ये दवाएं HIV को शरीर की स्वस्थ कोशिकाओं में घुसने से रोकती है।

👉🏻 इन दोनों दवाओं ने कोरोना के मरीजों पर सकारात्मक असर दिखाया है।

👉🏻लिहाज़ा मोदी सरकार ने फार्मा कंपनियों से इनका प्रोडक्शन बढ़ाने को कहा है।

👉🏻 हालांकि दवाओं के पूरे प्रभाव को लेकर जांच जारी है।

👉🏻 और इससे संबंधित रिपोर्ट अगले कुछ दिनों में आ जाएगी।

👉🏻भारत इन दोनों दवाओं का निर्यात अफ्रीकी देशों को भी करता है।


वही सरकार की तरफ से कोरोना को लेकर लगातार ऐहतियातन कदम उठाये जा रहे हैं।बैठकों का दौर भी जारी है।जानकार मानते हैं कि कोरोना वायरस की वैक्सीन तैयार करने में अभी भी साल से डेढ़ साल का समय लग सकता है, और WHO भी इस बात की जांच कर रहा है कि एंटी HIV दवाओं का कोरोना संक्रमित मरीजों पर कितना असर होता है। लेकिन इस बात से ये इनकार नहीं किया जा सकता कि अगर कोरोना वायरस पर इन दवाओं के नतीजे वाकई उम्मीद के मुताबिक रहे तो पूरे विश्व को महामारी कोरोना के खिलाफ ये भारत का ‘संजीवनी’ फॉर्मूला होगा।

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