ब्रेकिंग न्यूज़ : दिल्ली में राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित हुए सुपौल जिले के पाँच शिक्षक सहित एक शिक्षिका।

सुपौल बिहार : शिक्षा में शून्य निवेश कार्यक्रम के तहत सुपौल ज़िले के छ:शिक्षको को राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया। यह सम्मान श्री अरबिंदो सोसायटी के द्वारा दिया गया है। इनके चयन किए जाने से सुपौल के शिक्षकों में काफी खुशी है। सम्मान के लिए चयनित शिक्षक मो. सद्दाम हुसैन ने बताया कि ज़िले के हर प्रखंड के प्रत्येक संकुल संसाधन केंद्र में शिक्षा में शून्य निवेश के तहत नए-नए नवाचारों का प्रशिक्षण दिया गया था। इस दौरान सभी शिक्षकों से बच्चों को शून्य निवेश के तहत शिक्षा देने के लिए नवाचार मांगे गए थे।
रुपेश कुमार पाण्डेय म.वि.सिमरिया, त्रिवेनीगंज, का नवाचार "नई किरण"मो. सद्दाम हुसैन प्रा. वि. दिघिया बाजार,निर्मली का नवाचार"आज आपने रास्ते में क्या देखा ?" स्मिता ठाकुर म. वि.सखुआ, पिपरा का नवाचार "हर दिन चार बार यूज, कठिन शब्दों को करो फ्यूज" सिकन्दर कुमार प्रा. वि.पथरा का नवाचार "सीटी बजाओ स्कूल आओ" अशोक कुमार पासवान म. वि.बरुआरी का नवाचार कचरा का निदान" गणेश कुमार प्रा.वि.ओरहा का नवाचार "कौशल प्रदर्शन कक्षा"नामक नवाचार के माध्यम से छात्रों के संपूर्ण विकास पर नवाचार भेजा था जिसे सेलेक्शन कमिटी ने चयनित किया था। उनके नवाचार के चयन के बाद उन्हें सोसाइटी द्वारा सम्मान देने का निर्णय लिया गया। उन्हें इस सम्मान से केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' आईआईटी दिल्ली के प्रांगण में एक मार्च 2020 को नवाजा। श्री अरबिंदो सोसाइटी के कोऑर्डिनेटर ने बताया कि पूरे भारत से बारह लाख से ज़्यादा नवाचार भेजे गए थे। जिसमें सुपौल ज़िले से कुल छह शिक्षकों के नवाचार का चयन किया गया था।इस मौके पर भारत सरकार के अन्य मंत्री प्रकाश जावडेकर, अनुराग ठाकुर, नरेंद्र सिंह तोमर,एवं कई गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे ।इस सम्मान के लिए परिवार के अलावा पुरे जिले वासियों ने ख़ुशी व्यक्त की।

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