क्या है माता शीतला का महत्व ,क्यो मनाते है माता शीतला का पर्व- देखे खास रीपोर्ट।

न्यूज़ रूम : चैत्र मास की कृष्णपक्ष की सप्तमी को शीतला सप्तमी और चैत्र मास की कृष्णपक्ष की अष्टमी को शीतला अष्टमी मनाई जाती है। यह त्योहार होली के बाद मनाया जाता है। कई जगह इसे बासौड़ा भी कहते हैं। यह होली के आठ दिन बाद मनाया जाता है। इस त्योहार में शीतला माता की पूजा की जाती है और उ्न्हें बासी खाने का भोग लगाया जाता है।

इसके लिए सप्तमी की रात को बासी भोजन बनाया जाता है और सुबह शीतला माता की पूजा कर प्रसाद के रुप में खाया जाता है। मान्यता है कि माता शीतला का व्रत रखने से बीमारियां दूर होती हैं। इस दिन व्रत रखने और पूजा करने से व्यक्ति को चेचक, खसरा जैसे रोगों का प्रकोप नहीं रहता। मान्यता के अनुसार शीतला माता को ठंडी चीजें बहुत प्रिय होती है। शीतला सप्तमी और अष्टमी को ठंडी चीजों का भोग लगाया जाता है।

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