सुपौल : निर्मली में सड़क पर गाड़ियों को रोककर अवैध रूप से वसूली करते दो व्यक्ति को पुलिस ने भेजा जेल।

सुपौल : निर्मली नगर के सड़क मार्ग पर वाहन को रोककर अवैध राशि वसूली करने वाले दो व्यक्ति को निर्मली पुलिस ने गिरफ्तार कर रविवार को जेल भेज दिया है। गिरफ्तार व्यक्ति निर्मली नगर के वार्ड संख्या पांच निवासी राजेश कुमार एवं शत्रुघन कुमार कामत बताया जा रहा है ।अवैध राशि वसूली मामले में नगर पंचायत कार्यालय निर्मली के कार्यपालक पदाधिकारी प्रमोद कुमार रजक ने  शनिवार की देर शाम कार्रवाई करने से संबंधित आवेदन निर्मली थाना  को दिया था।


दिए गए आवेदन में सूचक ने कहा है कि शनिवार को नगर पंचायत निर्मली के सहायक कर्मी संजय कुमार के साथ अवैध वसूली कर रहे स्थल पर गया तो देखा कि अनुमंडल कार्यालय के उत्तर सड़क पर वाहन को रोककर अवैध राशि की वसूली किया जा रहा है। वाहन चालक को वसूली से संबंधित दिए गए रसीद पर  वाहन संख्या भी अंकित नहीं है। अवैध राशि वसूली करते हुए दो व्यक्ति के पास से दो जिल्द भी जप्त किया गया। जिसका क्रमांक 401 से 500 एवं 2001 से 2100 तक है। इधर निर्मली थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया की कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा दिए गए आवेदन पर निर्मली थाना कांड संख्या 39 / 2020 दर्ज करते हुए दो नामजद व्यक्ति को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में वीरपुर भेजा गया है।   

        क्या है मामला।       

 नगर पंचायत निर्मली कार्यालय द्वारा प्रत्येक वित्तीय वर्ष में बस स्टैंड एवं टैक्सी स्टैंड के नाम पर लाखों रुपयों में बंदोबस्ती की जाती  है। बंदोबस्त लेने वाले ठेकेदार द्वारा  अपने कर्मी से नगर के विभिन्न सड़क मार्गों पर पारगमन कर रहे वाहनों को रोककर अवैध राशि की वसूली करवाते हैं। मामले को लेकर बस स्टैंड एवं टैक्सी स्टैंड का बंदोबस्त लेने वाले ठेकेदारों का कहना है कि नगर में बस स्टैंड एवं टैक्सी स्टैंड नहीं है फिर भी नगर पंचायत कार्यालय द्वारा बस स्टैंड एवं टैक्सी स्टैंड का बंदोबस्त किया जाता है नगर पंचायत कार्यालय कर्मी द्वारा पूछने पर इस संबंध में बंदोबस्त लिए ठेकेदारों को कहता है कि नगर क्षेत्र में आप कहीं भी वाहनों से वसूली कर सकते हैं। इसी लिहाज से ठेकेदार नगर के विभिन्न सड़क मार्गों पर वाहनों से वसूली करवाते हैं। किंतु नगर पंचायत कार्यालय प्रशासन की मानें तो नगर के वार्ड संख्या 7 में बस स्टैंड एवं टैक्सी स्टैंड के लिए प्रस्तावित स्थल के निकट से ही ठेकेदारों को वसूली करने का निर्देश दिया गया है। मामला जो भी हो अनुसंधान में स्पष्ट हो पाएगा।

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