सुपौल : एक ही सरकारी आदेश का अनुपालन करने में विभिन्नता क्यो - देखे पूरी रीपोर्ट !

सुपौल : वार्षिक माध्यमिक परीक्षा 2020 के वीक्षण कार्य मे विभागीय आदेश की अवेहलना करने वाले प्रखंड एवं पंचायत शिक्षकों के विरूद्ध अबतक निलंबन किये जाने की कार्रवाई का अनुपालन प्रखण्ड विकास पदाधिकारी निर्मली एवं पंचायत सचिव के द्वारा नही किया गया है।

हालांकि आदेश की अवहेलना करने वाले प्रखंड एवं पंचायत शिक्षकों से बीडीओ एवं पंचायत सचिव ने स्पष्टीकरण पूछकर आदेश की खानापूरी जरूर की है।शिक्षकों से पूछे गए स्पष्टीकरण में 24 घण्टे के अंदर जवाब तलब की मांग की गई थी ततपश्चात वीक्षण कार्य में विभागीय आदेश के अनुपालन नही करने वाले शिक्षको की निलंबन की कार्रवाई किया जाना था।किंतु सप्ताह बीत जाने के बाद भी स्पष्टीकरण का न तो शिक्षक जवाब दे पाए और न ही बीडीओ एवं पंचायत सचिव के द्वारा शिक्षकों पर कार्रवाई की गई है।नियोजन इकाई के बतौर सचिव के द्वारा शिक्षकों पर कार्रवाई हेतु नियोजन इकाई की बैठक भी बुलाना मुनासिब नही समझ रहा है।वही 30 नगर शिक्षकों पर नगर नियोजन इकाई के सचिव के द्वारा स्पष्टीकरण पूछने के 48 घण्टे बाद ही निलंबन की प्रक्रिया की है।

एक ही सरकारी आदेश का अनुपालन करने में विभिन्नता क्यो!
वार्षिक माध्यमिक परीक्षा में वीक्षण कार्य हेतु नगर,प्रखंड एवं पंचायत नियोजन इकाई के 130 शिक्षकों ने विभागीय आदेश का अवहेलना करते हुए वीक्षण कार्य मे शामिल नही होकर हड़ताल पर चले गए।इसी आलोक में सरकार के अपर सचिव ने फरमान जारी कर जिला परिषद, नगर,प्रखंड एवं पंचायत नियोजन इकाई के सचिव को पत्र के माध्यम से निर्देश दिया कि विभागीय आदेश का अवहेलना करने वाले शिक्षकों से स्पष्टीकरण पूछते हुए निलंबन की कार्रवाई की जाय।आदेश का अनुपालन करते हुए नगर नियोजन इकाई के सचिव सह कार्यपालक पदाधिकारी प्रमोद कुमार रजक ने नगर के 30 शिक्षकों से स्पष्टीकरण पूछते हुए महज 48 घण्टे के अंदर शिक्षकों को निलंबत कर दिया।किन्तु प्रखंड नियोजन इकाई के सचिव सह प्रखंड विकास पदाधिकारी राम विजय पंडित सहित प्रखंड क्षेत्र के कुल सात पंचायत के पंचायत शिक्षक नियोजन इकाई के सचिव सह पंचायत सेवक के द्वारा वीक्षण कार्य मे विभागीय आदेश का अवहेलना करने वाले शिक्षकों को निलंबन की बात तो दूर कई नियोजन इकाई के सचिव द्वारा स्पष्टीकरण तक भी नही पूछा गया है।अब सवाल उठता है कि सरकारी आदेश का अनुपालन करने में सरकारी कर्मी के बीच ही विभिन्नता क्यो है।सरकारी आदेश का अनुपालन में एकरूकता क्यो नही दिख रही है।यह सवालिया निशान शिक्षकों के बीच उठ रहा है।

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