बिहार का सुपौल जिला आज 29 साल की यात्रा तय कर 30वें साल में किया प्रवेश।

नमस्कार आप इस वक्त Nb न्यूज़ पोर्टल पर लॉगिन है,तो आज की इस कंटेंट में हम बात करने वाले है बिहार राज्य के सुपौल जिले के बारे में।जिन्होंने जिले के रूप में आज अपना 29 साल की यात्रा तय कर 30 वर्ष में प्रवेश करने जा रहा है।तो आइए जानते है सुपौल के बारे में विस्तार से।

बिहार का कोसी नदी जिसे शोक का नदी भी कहा जाता है।जिसके  गोद मे बसा हुआ सुपौल । यदि हम इसकी  क्षेत्रफल  की बात करे तो 2,410 किमी², वही घनत्व 920/किमी², व जनसख्या 22,28,397 है।आपको बता दे कि सुपौल कभी समय तथा मौसम की मार झेलते हुए अपनी बदहाली पर आसूं  बहा रही थी।कोसी का दंश झेल रहे बिहार का यह पिछड़ा हुआ जिला बर्बादी के कगार पर था । यह क्षेत्र कई वर्षों तक नेताओं की अवहेलना का भी शिकार बना रहा।



फिर 14 मार्च 1991 को जिला के रूप में सुपौल अस्तित्व में आया। और आज 14 मार्च 2020  को 29 साल की यात्रा पूरी कर जिला के रूप में यह 30वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। इन वर्षों में विकास की बात करे तो  ईस्ट-वेस्ट कॉरीडोर NH 57 ने विकास की रफ्तार को तेज किया है, शहर की थमती रफ्तार को रेल ओवरब्रिज बढ़ाएगा। अब यह कहना कोई लाजमी नहीं होगा कि सहरसा से अलग हुआ सुपौल शहर सा नही दिखने लगा है।लेकिन अफसोस की बात यह है कि जिले का स्थापना कार्यक्रम जो कि आज होना था वह कोरोना वायरस के चलते रद कर दिया गया।

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