बिहार के पूर्णिया में काले गेहूं की खेती कर नई पहचान बना रहे हैं विकास

पूर्णिया : जिले के बनमखी  प्रखंड स्थित चकमका गांव निवासी विकास कुमार सिंह ने इस वर्ष काले गेंहू को SWI तकनीक से अपने खेत पर लगाया है। जिसका लाभ उन्हें मिल रहा है। विकास को इलाके में अलग पहचान मिल रही है।विकास पेशे से कृषि विभाग में प्रखंड उद्यान पदाधिकारी के पद पर पश्चिम चंपारण में कार्यरत हैं।कृषि एवं शस्य विज्ञान से उन्होंने एम.एस.सी भी की है लेकिन खेती के शौक ने उन्हें नया करने का बल दिया है। खेती किसानी के प्रति उनकी अभिरुचि बेमिशाल है।उन्होंने बताया कि काले गेंहू में कई औषधीय गुण मौजूद हैं।जिस वजह से इसे अत्यंत स्वास्थ्यवर्धक एवं उपयोगी माना गया है।
काले गेंहू में एंथोसाइनिन की मात्रा 40 से 140 पीपीएम होता है जो साधारण गेंहू की तुलना में 8 गुना तक ज्यादे है। इस गेंहू के इस्तेमाल से हृदय, मोटापा एवं तनाव आदि की बीमारियों से निजात मिलता है।विकास का कहना है कि इस गेंहू का ऑनलाइन बाजार मूल्य 80 रुपये के करीब है एवं इससे बने आटे का मूल्य 140 से 160 रुपये प्रति किलोग्राम है। बेहद गुणवत्ता पूर्ण होने के वजह से इसकी काफी डिमांड है।
बिहार के लिए यह एक नया प्रयोग है अतः किसान को अभी तक इसके बारे में पता नहीं है लेकिन आने वाले समय में अन्य किसानों को भी इस खेती से जोड़ने की उनकी योजना है। आने वाले समय में काले चावल की खेती भी करने की बात विकास ने कही है।

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