सुपौल : नगर पंचायत निर्मली में कार्यरत प्रधान सहायक सेवानिवृत्त होने उपरांत भी नही दे रहा है प्रभार

सुपौल "DESK" : नगर पंचायत कार्यालय निर्मली में कार्यरत  प्रधान सहायक रामकुमार सिंह द्वारा सेवानिवृत्त होने उपरांत भी अपना प्रभार नही दिए जाने का एक मामला प्रकाश में आया है।मामले का उजागर तब हुआ जब ईओ के द्वारा एसडीएम को आवेदन देकर प्रधान सहायक सह नाजिर द्वारा प्रभार नही दिए जाने हेतु आवश्यक कार्रवाई करने की माँग की गई।प्रधान सहायक की  दबंगई नगर पंचायत कार्यालय में इस तरह बनी हुई है कि सेवा निवृत्त होने के बाद भी किसी को अपना  प्रभार देना मुनासिब नही समझा है।
बावजूद कार्यालय में आकर अपने अलमीरा में रखे मुख्य सञ्चिका एवं अन्य कागजातों को जब चाहे तब अपने घर ले जाते है और घर से कागज लाकर कार्यालय में रख रहे है।आश्चर्य की बात यह है कि प्रधान सचिव के इस कृत्य को कार्यपालक पदाधिकारी कार्यालय में बैठे देख रहे है।


क्या है मामला

नगर पंचायत कार्यलय निर्मली के प्रधान सहायक विगत 31 जनवरी 2020 को ही सेवानिवृत्त हो चुके है।किंतु कार्यालय के किसी भी कर्मी को अपना प्रभार नही दिया है। नगर पंचायत निर्मली के ईओ प्रधान सहायक को सेवानिवृत्त होने से पूर्व कार्यलय में कार्यरत कैशियर संजय कुमार को प्रभार देने के लिए ज्ञापांक 693-1 दिनांक 6-11-2019,876-1 दिनांक 17 जनवरी 2020 एवं 903-1 दिनांक 27 जनवरी 2020 के माध्यम से आदेश जारी किया था।इससे तो साफ स्पष्ट होता है कि प्रधान सहायक द्वारा  आदेश की अनदेखी करते हुए अपनी वर्चस्व कार्यालय में दिखा रहे है।

प्रधान सहायक के क्रियाकलाप से वार्ड पार्षद भी आक्रोशित


नगर के वार्ड संख्या 09 के वार्ड पार्षद संजय कुमार ने एसडीएम को आवेदन देकर अवगत कराया। दिए गए आवेदन में वार्ड पार्षद ने कहा है कि प्रधान सहायक सेवानिवृत्ति के बाद भी नगर पंचायत में जमे हुए हैं कहते हैं कि संविदा आधारित नियोजन की स्वीकृति हमें सामान्य बोर्ड के कमेटी से मिली है जबकि प्रधान सहायक के ऊपर वित्त अंकेक्षण का आरोप से संबंधित मामला अब तक विचाराधीन है।
उप विकास आयुक्त सुपौल द्वारा 31 मार्च 2012 के अनुसार प्रधान सहायक के विरूद्ध 11 लाख 4,423 रुपये का दुरुपयोग किये जाने का मामला भी अबतक विचाराधीन है।पीएम आवास योजना के लाभुको से अवैध राशि वसूल किये जाने का मामला उजागर हुआ था।जिसका जाँच लंबित है।बावजूद दागी प्रधान सचिव को पुनः रखा जाना नियमानुकूल नही है।

एसडीएम के आदेश की हो रही  है अवहेलना

एसडीएम नीरज नारायण पांडे ने ईओ निर्मली को आदेश देते हुए कहा था कि बिहार सरकार नगर विकास एवं आवास विभाग के संकल्प संख्या 2072 दिनांक 17 सितम्बर 2018 एवं 4956 दिनांक 17 सितम्बर 2018 में निहित प्रावधान के अनुसार वैसे व्यक्ति की सेवा नही ली जा सकती है जिनपर निगरानी का कोई मामला,विभागीय कार्रवाई चल रहा हो।गम्भीर आरोप विचाराधीन होने या कोई आपराधिक मामला वाले व्यक्ति की सेवा विस्तारित नही की जाएगी।बावजूद कार्यपालक पदाधिकारी एवं मुख्य पार्षद द्वारा एसडीएम के आदेश को ताक पर रखकर अपने मनोअनूकूल कर्मचारी की संविदा आधारित नियोजन नगर पंचायत कार्यालय में ले रहा है।

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