सुपौल : जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के आदेश अनुपालन का समय सीमा समाप्त होने के बाद भी अधिकारी द्वारा नहीं किया जा रहा हैं अनुपालन - जाने क्या है मामला !

सुपौल : जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के आदेश अनुपालन का समय सीमा समाप्त होने के बाद भी अधिकारी द्वारा अनुपालन नहीं किया जा रहा  हैं ।मामला मरौना प्रखंड क्षेत्र के बड़हारा पंचायत स्थित गजहारा गांव का है। जहां गांव के लाभुक सरिता देवी द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना की पूर्ण राशि  का  निकासी तो कर लिया  किंतु  आवास का निर्माण  नहीं किया है।
मामले को लेकर अपीलीय प्राधिकार  में सुनवाई पश्चात 8 जनवरी 2020 को अंतिम आदेश  में  डीडीसी सुपौल से सरकारी राशि फर्जीवाड़ा मामले में  प्रखंड विकास पदाधिकारी मरौना एवं संबंधित कर्मी के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई किए जाने के साथ-साथ आवास योजना  की राशि का वसूली एक माह के अंदर करने  का अनुरोध किया गया है।


 क्या है मामला।       


  मरौना प्रखंड क्षेत्र के बरहड़ा पंचायत स्थित गजहारा गांव के प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभुक सरिता देवी द्वारा आवास योजना की पूर्ण राशि का अपने बैंक खाता से निकासी कर लिया है ।किंतु स्थल पर आवास का निर्माण नहीं किया है ।मामले को लेकर गांव के ही सत्यनारायण प्रसाद ने अनुमंडल पदाधिकारी निर्मली को साक्ष्य सबूत के साथ आवेदन देकर कार्रवाई की मांग किया था। प्राप्त आवेदन पर अनुमंडल पदाधिकारी ने अंचल अधिकारी मरौना से जांच प्रतिवेदन की मांग की। अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा मांगे गए जांच प्रतिवेदन को लेकर स्थल का भौतिक सत्यापन किया गया। तत्पश्चात अनुमंडल पदाधिकारी को समर्पित किए गए जांच प्रतिवेदन में अंचल अधिकारी ने लिखा था कि आवास योजना के लाभुक सरिता देवी पति प्रदीप कुमार कामत  के नाम से आवंटित प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पूर्ण राशि का उठाव कर लिया गया है। लेकिन भवन निर्माण कार्य नहीं किया गया है। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होते ही अनुमंडल पदाधिकारी नीरज नारयण पांडे ने दिनांक 27 अगस्त 2019 एवं 21 सितम्बर 2019 को पत्र जारी करते हुए मरौना के प्रखंड विकास पदाधिकारी मणिमाला  को उक्त आवास योजना के लाभार्थी के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। बावजूद प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा लाभुक के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं किया गया।

मरौना बीडीओ के कृत्य से आजीज हो एसडीओ ने डीएम को लिखा पत्र

आवास योजना की राशि का उठावकर आवास नही बनाने वाले लाभुक के विरूद्ध कड़ी कारवाई किये जाने के एसडीओ के कई पत्रों का बीडीओ मरौना के द्वारा अनदेखी की गई।आदेश का अनुपालन नही होते देख एसडीओ निर्मली ने मरौना बीडीओ के विरूद्ध अनुसाशनिक कार्यवाही करने की अनुशंसा ज्ञापांक 15/11 दिनांक 03 अक्टूबर 2019 के द्वारा पत्र जारी कर जिला पदाधिकारी सुपौल से किया।जिला।पदाधिकारी को दिये गए पत्र में एसडीओ ने कहा कि प्रखंड विकास पदाधिकारी मरौना को प्रधानमंत्री आवास योजना की पूर्ण राशि का उठाव कर आवास नही बनाये जाने का जाँच प्रतिवेदन प्राप्त होते ही उक्त लाभार्थी के विरूद्ध आवश्यक कार्रवाई कर कृत कार्रवाई से अवगत कराने का निदेश दिया गया।किन्तु प्रखण्ड विकास पदाधिकारी मरौना द्वारा कोई कार्रवाई नही किया गया।और न ही कार्रवाई नही किये जाने के सम्बंध में कोई प्रतिवेदन ही अनुमंडल कार्यालय में समर्पित किया गया।पुनः पत्रांक 1484-2दिनांक 21 सितम्बर 2019 के माध्यम से लाभार्थी से राशि वसूली की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करते हुए कृत कार्रवाई से अवगत कराने का निदेश मरौना प्रखंड विकास पदाधिकारी को दिया गया था।उक्त निदेश के बावजूद भी प्रखंड विकास पदाधिकारी मरौना से वांछित प्रतिवेदन अप्राप्त रहना उनके हठधर्मिता एवं स्वेच्छाचारिता को दर्शाता है।किन्तु जिला पदाधिकारी द्वारा कोई कार्रवाई बीडीओ मरौना पर नही किया गया।



प्रशासनिक पदाधिकारियो से कार्रवाई नही होते देख आवेदक ने लिया लोकशिकायत निवारण का सहारा ।


आवेदक सत्यनरायण प्रसाद ने लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी निर्मली के समक्ष परिवाद दायर कर आवास योजना की राशि का गबन करने वाले लाभुक पर पदाधिकारियो द्वारा कार्रवाई नही किये जाने का मामला उठाया।लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के समक्ष मरौना के बीडीओ उपस्थित होकर लाभुक के स्थल जाँच करने से सम्बंधित प्रतिवेदन समर्पित किया।बीडीओ द्वारा समर्पित प्रतिवेदन पर कार्रवाई करते हुए लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी द्वारा वाद की कार्रवाई समाप्त कर दिया।किन्तु आवेदक ने मामले को अपीलीय प्राधिकार जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के समक्ष दायर किया था।

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