पूर्णिया : सैकड़ो की तादाद में अचानक कौवे का मरना कहीं कोई अपशकुन या बीमारी तो नहीं

पूर्णिया : अचानक सैकड़ों की तादाद में कौवे का मरना कहीं कोई अपशकुन तो नहीं.कहीं किसी बड़े विपत्ति की आहट तो नहीं .बताते दे कि बिहार के पूर्णिया जिले में अचानक सैकड़ों की तादाद में कौवे के मरने से शहर वासियों में दहशत का माहौल बन गया है।अचानक इतनी तादाद में कौवे का मरना चर्चा का विषय बना हुआ है।जिले में ये चर्चा पूरे जोर-शोर से लोगों के कानों तक पहुंच रही है।सच्चाई जानने के लिये मीडिया की टीम शहर के कई जगहों का मुआयना किया और आसपास के लोगों से भी जानने की कोशिश की. बताते चलें कि शहर के बीचो बीच के0 हाट थाना के पीछे मुर्गी फार्म इलाके में लगातार दो दिनों से सैकड़ो की तादात में कौवे मर रहे है।स्थानीय लोगों की माने तो कौवे उस जगह पर किसी पेड़ के पास आते है और उसपर बैठते है।लेकिन थोड़ी देर बाद अचानक कौवे गिरने लगते है।जिससे वहां के आसपास के लोगों में दहशत फैल गया है।
सूत्रों की मानें तो अभी तक लगभग तीन से चार सौ कौवे की मरने की आशंका है। कौवे की मौत की वजह क्या है यह लोगों को समझ में नहीं आ रहा है।फिलहाल लगातार कौवे के मरने से लोगों में दहशत का माहौल है।लोग किसी बड़ी अनहोनी की घटना से दहशत के साये में है।वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां आस-पास सरकारी भूमि पर बड़े पैमाने पर खेती होती है।इस खेत में ही कीटनाशक का छिड़काव किया जाता है।शायद वो कीटनाशक छिड़काव किया हुआ दाना खाने से तो कौवे की मौत नही हो रही है।लेकिन ये बात स्थानीय लोगों को भी कुछ हजम नही हो रही है।स्थानीय लोगों का कहना है कि कीटनाशक का छिड़काव तो सभी जगह खेतों में किये जाते है.वहाँ तो कोई पक्षी नही मरता है।कौवे के मरने का यह सिलसिला शुक्रवार से चला आ रहा है।सैकड़ो की संख्या में मुर्गी फॉर्म इलाके के ऊपर कौआ मंडराते रहते है।आसपास पेड़ो पर बैठने के बाद लड़खड़ा कर नीचे गिर कर सभी की मौत हो रही है।मुर्गी फॉर्म, रंगभूमि मैदान, हाउसिंग बोर्ड इलाके में कौवे के शव कई जगह पड़े हुए है,जिससे अब दुर्गंध फैलने लगा है।अगर इस समस्या पर त्वरित कारवाई नही की गई तो कई तरह की बीमारी फैलने की आशंका से इनकार भी नही किया जा सकता है।

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