मधुबनी : अंधराठाढ़ी में जलवायु परिवर्तन अनुकूलन विषयक कार्यशाला की गई आयोजित

मधुबनी : अंधराठाढ़ी प्रखण्ड मुख्यालय के ई कृषि सभागार में शनिवार को एक कार्यशाला आयोजित की गई। जलवायु परिवर्तन अनुकूलन हेतु जल जीवन हरियाली के हितभागियों का साझा प्रयास  कार्यशाला का मुद्दा था।पूर्व विधायक रामावतार पासवान,पंसस अजमेरी खातून,  प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी आलोक कुमार, प्रखण्ड आत्मा अध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी,राजदेव रमन आदि ने दीप जलाकर कार्यशाला की शुरुआत की।राजदेव रमन ने विषय वस्तु का प्रवेश करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव  ने न केवल मानव बल्कि उनसे जुड़े जीवन के बिभिन्न आयामों को प्रभावित किया है और कर रहा है।
सजग नागरिकों को भी आगे बढ़ कर अपनी अपनी जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी।प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी का कहना था कि शासन प्रशासन के स्तर पर जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव को न्यून करने का भरसक प्रयास किया जा रहा है।जलसंचय, बृक्षारोपण,जैविक खेती ,जल जीवन और हरियाली आदि कार्यक्रम इसके कुछ उदाहरण हैं। कृषि सलाहकार नवीन कुमार मिश्र ने उदाहरण  देते हुए समझाया कि हम व्यक्तिगत स्तर पर भी पहल कर जलवायु अनुकूलन करने में सहभागी हो सकते हैं। प्रखण्ड प्रमुख शुभेश्वर यादव ने सरकारी स्तर पर किये जा रहे प्रयासों की चर्चा करते हुए कहा कि  समाज और आमलोगो को भी अपनी ईमानदार भूमिका निभानी होगी। जीपीएसभीएस ,जगतपुर के अध्यक्ष रमेश कुमार कहना था कि पृथ्वी और मानव सहित सभी जीव जंतुओं के अस्तित्व की रक्षा करने और बिगड़ रहे जलवायु को अनुकूल बनाने के लिए इसको आम आदमी का मुद्दा बनाने की जरूरत है।हमारे पुरखों के पास इसका हुनर था। हमे उस हुनर का फिर से उपयोग करना चाहिये। जलवायु अनुकूलन का लक्ष्य बड़ा है।सबों की भागीदारी से ही हम लक्ष्य  प्राप्त कर सकते है।
कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहे पूर्व विधायक रामावतार पासवान ने अपने लंबे तकरीर के दौरान बताया कि मानव श्रृंखला में शामिल लोगों से अपने खड़े स्थान पर एक एक पेड़ लगवाया जाता तो सार्थक बात होती। संजीव कुमार चौधरी सदुल्लाह,सुनील मण्डल, आदि दर्जनों लोगों ने भी अपने विचार व्यक्त किये कार्यशाला के वाद ई किसान भवन परिसर में बृक्ष रोपण भी किया गया।मीजेरियर जर्मनी ,जीपीएसभीएस जगतपुर   कार्यशाला का प्रायोजक और उन्मुक्त ,लक्सेना आयोजक था।

  

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