सुपौल : प्रशिक्षण निष्ठा का निर्मली प्रखंड मुख्यालय में उड़ाई जा रही है धज्जियां -- देखे पूरी रिपोर्ट

सुपौलDESK : भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए चलाई गई प्रशिक्षण निष्ठा का निर्मली प्रखंड मुख्यालय में धज्जियां उड़ाई जा रही है।प्रशिक्षणार्थी शिक्षक को बैंच डेस्क के अभाव में जमीन पर बैठाकर ही प्रशिक्षण दिया जा रहा है।भारत ही नही दुनिया की सबसे बड़ी  शिक्षक प्रशिक्षण का यह हाल निर्मली प्रखंड मुख्यालय अंतर्गत है।
विद्यालय प्रधान शिक्षक एवं सहायक शिक्षक शिक्षिकाओं की समग्र उन्नति के लिए आधुनिक तरीके से पढ़ाई के लिए ऑनलाइन निगरानी व्हाट्सएप एवं सोसल मीडिया से जुड़ने की ट्रेनिंग दी जा रही है।ताकि शिक्षक बच्चो को आधुनिक पढ़ाई के लिए प्रशिक्षित हो सके।फिर शिक्षक बच्चों को रुचि के अनुसार खेल खेल में पढ़ाई को आनददायी बनाकर पढा सके। बावजूद प्रखंड क्षेत्र के मझारी पंचायत स्थित आदर्श मध्य विद्यालय महुआ में चल रहे निष्ठा प्रशिक्षण कार्यशाला मजाक बना हुआ है।जहां प्रशिक्षक ही ऑनलाइन सिस्टम से अनभिग्य है तो ऐसे प्रशिक्षक से निष्ठा प्रशिक्षण में प्रशिक्षणार्थी शिक्षक को आधुनिक प्रशिक्षण की आशा करना कहाँ तक सम्भव है।


जमीन पर नही बैठ पाते है प्रशिक्षनार्थी

निष्ठा प्रशिक्षण कार्यशाला में शामिल 50 वर्ष से अधिक उम्र के शिक्षक प्रशिक्षणार्थियो को जमीन पर बैठकर प्रशिक्षण प्राप्त करने में काफी कठिनाई हो रही है।कई शिक्षक तो जमीन पर बैठ ही नही पा रहे है।प्रशिक्षण कक्ष में खड़े होकर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे है।शिक्षकों ने बताया कि उन्हें अर्थराइटिस बीमारी होने के कारण घुटना एवं कमर में दर्द के कारण बैठने में दिक्कतें आ रही है।भीषण ठंडी में फर्श पर बैठने में काफी ठंड भी लगती है।ज्ञातव्य हो कि विद्यालयों में वर्ग 6 से 8 तक के बच्चों के बैठने के लिए बेंच डेस्क की व्यवस्था होती है।वही शिक्षक कुर्सी पर बैठकर एवं खड़े होकर बच्चो को पढ़ाते है।किंतु प्रशिक्षण कार्यशाला में शिक्षक प्रशिक्षणार्थियो के बैठने के लिए बेंच तक उपलब्ध नही है।

अनुमंडल पदाधिकारी का आदेश भी बेअसर 

निष्ठा प्रशिक्षण कार्यशाला का अनुमंडल पदाधिकारी नीरज नारयण पांडे द्वारा विगत दिनों निरीक्षण कर कई दिशा निर्देश प्रशिक्षण प्रभारी एवं प्रभारी प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी शिवजी मंडल को दिया था।अनुमंडल पदाधिकारी ने निर्देश देते हुए कहा था कि प्रशिक्षण कार्यशाला में प्रशिक्षणार्थियो के बैठने के लिए उपस्कर,पीने के लिए स्वच्छ पेयजल,शौचालय एवं  कार्यशाला परिसर की साफ सफाई के साथ साथ प्रोजेक्टर से पढ़ाई के लिए जेरनेटर आदि की व्यवस्था करने का निर्देश दिया था।बावजूद स्वच्छ पेयजल एवं जेनरेटर की व्यवस्था की गई है।साफ सफाई एवं उपस्कर की घोर कमी अब भी बना हुआ है।ज्ञातव्य हो कि पांच दिवसीय दो फेज की प्रशिक्षण आनन फानन में समाप्त किया गया।फिलहाल तीसरे फेज की प्रशिक्षण कार्यशाला में अनुमंडल पदाधिकारी के आदेशानुसार कुछ सुधार तो हुई है किन्तु बहुत कुछ सुधार करना बांकी है।

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