सुपौल : शिक्षकों को दी जा रही समेकित प्रशिक्षण कार्यशाला (निष्ठा) का निर्मली एसडीएम ने किया औचक निरीक्षण

सुपौल : दैनिक जागरण में दिनांक 22 जनवरी 2020 को प्रोजेक्टर के बदले ब्लैक बोर्ड से दिया जा रहा है प्रशिक्षण डेड लाइन से छपी खबर पर अनुमंडल पदाधिकारी नीरज नारायण पांडे ने पहल करते हुए प्रखंड क्षेत्र के मझारी पंचायत स्थित आदर्श मध्य विद्यालय महुआ में  सरकार की ओर से शिक्षकों को दी जा रही  समेकित प्रशिक्षण कार्यशाला (निष्ठा)  का  बुधवार को  औचक निरीक्षण किया । निरीक्षण के क्रम में में  बड़े पैमाने पर अनियमितता किए जाने का मामला उजागर हुआ है। प्रशिक्षणार्थी शिक्षक को प्रोजेक्टर मशीन से प्रशिक्षण देने का सरकारी आदेश की जगह ब्लैक बोर्ड पर प्रशिक्षक प्रशिक्षण दे रहे थे। प्रोजेक्टर मशीन विद्यालय के कार्यालय में ही   रखा हुआ पाया गया । प्रशिक्षण पाठशाला परिसर में  कहीं भी  जनरेटर  नहीं देखा गया । पूछने पर  प्रभारी प्रखंड विकास पदाधिकारी  शिवजी मंडल ने अनुमंडल पदाधिकारी को बताया कि विभाग द्वारा प्रशिक्षण कार्यालय संचालित किए जाने बाबत राशि उपलब्ध नहीं कराया गया है। कार्यशाला स्थल से ही अनुमंडल पदाधिकारी ने जिला स्तर के शिक्षा विभाग के अधिकारी से प्रशिक्षण कार्यशाला के संचालन से संबंधित जानकारी प्राप्त किए । जिला स्तर के विभागीय अधिकारी ने मोबाइल फोन के जरिए  अनुमंडल पदाधिकारी को  स्पष्ट रूप से बताया कि  निष्ठा प्रशिक्षण कार्यशाला  उच्च स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला है । इस प्रशिक्षण कार्यशाला के जरिए शिक्षकों को  गुणवत्तापूर्ण शिक्षा  से संबंधित कई अहम बिंदुओं पर  प्रशिक्षित किया जाना है। प्रशिक्षण कार्यशाला संचालन  की जिम्मेदारी  प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी की बनती है । विधिवत प्रशिक्षण कार्यशाला  संचालन से संबंधित  सभी नियम कायदे एवं राशि का आवंटन प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को करा दिया गया है ।वही अनुमंडल पदाधिकारी ने बताया कि आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला की खानापूरी  की जा रही है । मौके पर उपस्थित कई शिक्षकों ने अनुमंडल पदाधिकारी को बताया कि  स्वच्छ पेयजल के नाम पर  प्रशिक्षणार्थियों को विद्यालय परिसर के  आर्सेनिक युक्त  चापाकल का पानी  पिलाया जा रहा है । अनुमंडल पदाधिकारी ने प्रशिक्षणार्थियों के  उपस्थिति पंजि का निरीक्षण किया  निरीक्षण के क्रम में  कई प्रशिक्षणार्थी का उपस्थिति पंजी पर  उपस्थिति नहीं बना हुआ था अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा  उपस्थिति पंजी का जांच करने के क्रम में  प्रधान शिक्षक सहित कई शिक्षक प्रशिक्षणार्थी ने  अपनी उपस्थिति बनाया वही  भोजन कर रहे एक शिक्षक  जोगेंद्र प्रसाद यादव  उपस्थित रहने के बावजूद भी अपना  उपस्थिति नहीं बना पाया  शिक्षक ने बताया कि  मेरे  कमरे में  उपस्थिति पंजी  हस्ताक्षर के लिए प्रशिक्षक द्वारा  नहीं भेजा गया  इतना ही नहीं  प्रशिक्षण  परिसर में साफ-सफाई का  घोर अभाव देखा गया  जूठा प्लेट  यत्र तत्र  फेंका जा रहा था  कोई  डस्टबिन  नहीं पाया गया  आश्चर्य की बात यह है कि  प्रशिक्षक  राम नरेश यादव  प्रशिक्षण  कार्य छोड़कर  भोजन व्यवस्था  में  लगे दिखाई दिए । ऐसे में सरकार द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला का क्या औचित्य रह जाता है । ज्ञातव्य हो कि प्रखंड क्षेत्र के 150 शिक्षकों का प्रथम चरण का प्रशिक्षण आनन-फानन में समाप्त भी हो गया है ।फिलहाल द्वितीय चरण के 150 शिक्षकों का प्रशिक्षण कार्यशाला चल रहा है। पूछने पर अनुमंडल पदाधिकारी नीरज नारायण पांडे ने बताया कि गुणवत्ता रहित संचालित प्रशिक्षण कार्यशाला से जिला पदाधिकारी को अवगत कराते हुए पुनः नए तरीके से प्रशिक्षण कार्यशाला संचालन के लिए पत्र लिखा जा रहा है।                             

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